प्रिय भक्तगण,
कुंभ 2025 प्रयागराज के इस पवित्र संगम में, जब संसार आत्मा की शुद्धता और जागृति के पथ पर अग्रसर है, हम आपसे आग्रह करते हैं कि कल्कि के आगमन की प्रतीक्षा करें। यह अवसर न केवल आध्यात्मिक उत्थान का है, बल्कि उस दिव्य चेतना से जुड़ने का भी है जो संसार को नई दिशा देने आई है।
कल्कि दर्शन के लिए केवल वही योग्य होंगे, जिनके हृदय शुद्ध और विचार निर्मल होंगे। कल्कि केवल उन्हीं को दर्शन देंगे जो उनके संदेश को आत्मसात करेंगे और अपने जीवन में बदलाव लाने के लिए तत्पर होंगे। वह हर जगह हो सकते हैं, किसी भी रूप में, इसलिए हर व्यक्ति को भगवान का स्वरूप मानकर सम्मान और प्रेम दें।
कल्कि को अपने पास आमंत्रित करने के लिए, उनके इन 9 उपदेशों को अपने जीवन में उतारें:
शाकाहारी बनें और प्राणियों की हत्या से बचें।
प्रदूषण रहित वाहन का उपयोग करें।
आवश्यकताओं तक सीमित रहें और उपभोक्तावाद से बचें।
प्लास्टिक से बचें और जैविक थैलियों का उपयोग करें।
नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सौर और पवन ऊर्जा अपनाएं।
जल और ऊर्जा का संरक्षण करें।
पेड़ लगाएं और पर्यावरण को बचाएं।
जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन अपनाएं।
शांति बनाए रखें और विश्व को एक परिवार मानकर सहयोग करें।
कल्कि सभी को नहीं दिखेंगे। केवल वे ही भाग्यशाली होंगे जो उनकी कृपा प्राप्त करेंगे। यह कृपा उनके कर्मों और आत्मा की पवित्रता पर निर्भर करती है। ध्यान रखें:
विनम्रता और प्यार से हर किसी के साथ व्यवहार करें।
कल्कि किसी भी रूप में प्रकट हो सकते हैं, एक साधारण यात्री, एक साधु, या किसी सामान्य जन के रूप में।
हर व्यक्ति को ईश्वर के रूप में देखें, क्योंकि हो सकता है, वही कल्कि के रूप में आपके सामने हो।
कल्कि की खोज में मत भटकिए; उनके मार्ग पर चलिए। कल्कि किसी को नष्ट करने नहीं, बल्कि अज्ञानता को मिटाने और जागृति का प्रकाश फैलाने आए हैं। उनकी शिक्षाओं को अपनाइए, उनके संदेश को समझिए, और संसार में बदलाव का हिस्सा बनिए।
तो आइए, कल्कि दर्शन के इस पावन अवसर पर, अपने हृदय को शुद्ध करें, उनके उपदेशों को अपनाएं, और उनके आगमन की प्रतीक्षा करें। क्या आप तैयार हैं उन्हें पहचानने और उनके प्रकाश को अपने जीवन में उतारने के लिए?
हरि ओम तत्सत।